सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में बेटियों को भी पिता या पैतृक संपत्ति में बराबर का हिस्सेदारा माना................p14news
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जनपद गोरखपुर/ जिले में अपना घर या दुकान के अलावा जमीन की प्लानिंग करने वालों के लिए बड़ी राहत वाली सूचना है। पिछले चार सालों की तरह इस साल भी गोरखपुर में जमीन-मकानों का सर्किल रेट नहीं बढ़ेगा। वहीं मंडल के बाकी सभी जिलों देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में इनके दाम मंहगे होंगे। इन जिलों के संबंधित डीएम की सहमति के बाद सर्किल रेट में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक अगस्त से संबंधित जिलों में नए सर्किल रेट के मुताबिक जमीन-मकान के बैनामों पर निबंधन विभाग द्वारा स्टांप ड्यूटी वसूली जाएगी।

गोरखपुर जिले के अलावा मंडल के बाकी तीनों जिलों में भी पिछले चार सालों से सर्किल रेट रिवाइज नहीं हुई । विभाग के मुताबिक सर्किल रेट मौजूदा बाजार दर के बराबर या आस-पास करने की तैयारी है।  विभाग का कहना है कि चूंकि लंबे समय से रेट में वृद्धि नहीं हुई है लिहाजा जमीनों के वर्तमान सर्किल रेट की तुलना में यह वृद्धि कुछ ज्यादा लग सकती है।

सरकारी योजनाओं की वजह से नहीं बढ़ेगा सर्किल रेट..
गोरखपुर जिले में वर्ष 2016 से सर्किल रेट में वृद्धि नहीं हुई। वर्ष 2017 चुनावी रहा और फिर योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर की विकास यात्रा तेज हो गई। एक-एक कर लगातार कई परियोजनाएं शुरू हुईं जिसके लिए जमीन अधिगृहीत करने या फिर समझौते के आधार पर काश्तकारों से बगैनामा कराने की जरूरत थी। ऐसे में सरकार को नुकसान न हो इसलिए जमीनों के दाम नहीं बढ़ाए गए।

सूत्रों के मुताबिक वर्तमान समेत अगले दो साल तक और भी कई परियोजनाएं जिले में शुरू हो सकती है जिसके लिए जमीन की जरूरत पड़ सकती है। यहीध्जह है कि इस बार भी प्रशासन ने जमीनों का सर्किल रेट नहीं बढ़ाने का निर्णय किया है।

सर्किल रेट नहीं बढ़ा पर बाजार का रेट बढ़ता रहा..
चार साल तक भले ही सर्किल रेट नहीं बढ़ा लेकिन समय-समय पर बाजार की कीमतों में वृद्धि होती रही। सड़क किनारे की जमीनों के दाम सबसे ज्यादा तेजी से बढ़े। संपत्तियों के बैनामों के समय विक्रता जमीन, मकान खरीदने वाली पार्टी से बाजार रेट पर ही कीमत लेते रहे मगर रजिस्ट्री विभाग में स्टांप, पुराने चले आ रहे सर्किल रेट पर ही जमा होता रहा। इससे विभाग को भी झटका लगा है। हालांकि वहीं दूसरी तरफ सरकारी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर जमीन, काश्तकारों की सहमति से बैनामा कराई गई । ऐसे में रेट नहीं बढ़ने से सरकार को काफी राहत भी मिली।


जिला                   रजिस्ट्री विभाग का साल का लक्ष्य


गोरखपुर                605.41 करोड़


महराजगंज              254.38 करोड़


देवरिया                  227.38 करोड़


कुशीनगर                164.74 करोड़


कुल                    1251.91 करोड़


विभाग का लक्ष्य पूरा हो जा रहा है। जिले के विकास के लिए कई ऐसी सरकारी योजनाएं संचालित हो रही है या पाइपलाइन में है जिनके लिए जमीन की जरूरत पड़ेगी। सर्किल रेट बढ़ने से इन योजनाओं की कीमत बढ़ जाएगी। शासन पर भार बढ़ेगा। इन्हीं वजहों से इस साल भी सर्किल रेट में वृद्धि नहीं करने का निर्णय किया गया है।

गोरखपुर को छोड़कर बाकी सभी जिलों देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में सर्किल रेट रिवाइज करने का काम शुरू हो गया है। रेट लिस्ट रिवाइज करने के लिए शासन की तरफ से जारी निर्देश पर तीनों जिलों के डीएम ने अनुमति दे दी है जिसके बाद सर्वे कराया जा रहा है। एक अगस्त से वहां रिवाइज्ड सर्किल रेट लागू कर दिया जाएगा। -रामानंद सिंह, डीआईजी स्टांप संपत्तियों के बैनामों के समय विक्रता जमीन, मकान खरीदने वाली पार्टी से बाजार रेट पर ही कीमत लेते रहे मगर रजिस्ट्री विभाग में स्टांप, पुराने चले आ रहे सर्किल रेट पर ही जमा होता रहा।

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