news-portal-verz-technologies

अयोध्या भूमि पूजन के दिन पूरी अयोध्या ना सिर्फ राष्ट्रीय स्तर के नेताओं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के संत और वरिष्ठ अधिकारियों से भरी हुई थी। हर कोई खुद में एक आकर्षण का केंद्र था पर उस आकर्षण के केंद्र में भगवान श्री राम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ प्रमुख मोहन भागवत के बाद अगर कोई नाम सबसे ज्यादा चर्चित सुनाई दिया तो वह था सुदर्शन न्यूज़ चैनल के मालिक सुरेश चव्हाणके का। वह अयोध्या में युवाओं के सबसे बड़े आकर्षण के रूप में दिखाई दिए।

अयोध्या जाते समय जिस प्रकार से उन्होंने हरे रंग के पैकेट का तिरस्कार किया उसके बाद से सोशल मीडिया पर वह अयोध्या प्रकरण की ही तरह ट्रेंड करते रहे। कट्टर हिंदुत्ववादी छवि के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध सुरेश चौहान के ने अयोध्या में भी अपनी एक मजबूत धमक दर्ज की और नयाघाट के बलिदानी कारसेवक वासुदेव गुप्ता के घर पर उनके द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित करने के समय उन्हें देखने के लिए सड़कों पर जाम लग गया था। अयोध्या के अंदर उनका ना सिर्फ संत महंतों द्वारा बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधि विधायक आदि द्वारा जोरदार स्वागत किया गया परंतु उनके राम की पैड़ी पर जाते ही युवाओं का हुजूम उनके पीछे-पीछे चलने लगा और जय श्री राम हर हर महादेव के नारे हर तरफ सुनाई देने लगे थे।

यह वही सुरेश चौहान के हैं जिन्होंने राज्यसभा में भगवान श्रीराम पर चुटकुले सुनाए जाने के बाद नरेश अग्रवाल को खींच लेने की बात कही थी और उनके विरुद्ध 49 सांसदों ने कार्यवाही का निवेदन किया था। इसी के साथ उनके द्वारा हरे रंग का तिरस्कार करने पर अब तक सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। यदि सुरेश चव्हाणके ने अयोध्या के इस कार्यक्रम में बहुत अधिक उपस्थिति दर्ज नहीं की परंतु उनके तमाम फैंस उन्हें अयोध्या में जगह-जगह तलाशते और उनके बारे में बात करते दिखे। असल में सुरेश चव्हाणके की कट्टर हिंदूवादी छवि और कभी भी अपने कदम पीछे ना खींच ना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है और आज के युवाओं में उनके इसी अंदाज का क्रेज सबसे ज्यादा है। 14 साल से सिर्फ एक सूत्र हिंदुत्व पर काम करने वाले सुरेश चव्हाणके ने श्री राम मंदिर के लिए तब से लगातार आवाज उठाई है, जब से धर्मनिरपेक्षता के बोल बाले में श्री राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया जाता था।

verz technologies website designing company